Rashtriya Seva Bharati
   

मातृछाया

भोपाल में प्रथम मातृछाया केन्द्र प्रारम्भ हुआ। अभी तक यहाँ 292 बालक/बालिकायें आ चुके है तथा 162 बालक/बालिकायें गोद दी जा चुकी है।


आनन्दधाम

Ananddham

यह एक वरिष्ठजन सेवा केन्द्र है जो कि भोपाल के हृदय स्थल में स्थित है। इस केन्द्र में वरिष्ठ हितग्राहियों के लिये आवासीय व्यवस्था की गई है। वर्तमान में 20 पुरुषों व 20 महिलाओं के लिये आवासीय व्यवस्था है। यहाँ चल रहे निर्माण के पूर्णतः के बाद 100 हितग्राहियों के लिये आवासीय व्यवस्था हो सकेगी। हितग्राहियों को समझाईश देकर उन्हें अपने परिवार में ससम्मान वापस करने की व्यवस्था की गई है। अभी तक 30 हितग्राहियों को अपने-अपने परिवारों में स्थापित किया गया है। वर्तमान में यहाँ 14 पुरुष तथा 11 महिला हितग्राही निवासरत् है। चिकित्सालय, पुस्तकालय आदि की यहां व्यवस्था है। वृद्धजनों की देखभाल करने का प्रशिक्षण केन्द्र भी यहाँ पर प्रारम्भ करने की योजना है। न्यूरोथेरेपी व प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र भी यहाँ पर रहेगें।

गाँधी आश्रम

ग्रामीण क्षेत्र के निःशक्त बालकों के लिए यह छात्रावास है। यह संस्था का प्रथम सेवा कार्य है। आवासीय, शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ निःशक्त जनों के लिए आवश्यक सभी सुविधाऐं प्रदान की जाती है। यहां के छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने आप को सफलतापूर्वक स्थापित कर चुके है।

वनवासी बालक छात्रावास

संस्था द्वारा वनवासी बालक छात्रावास सर्वप्रथम भोपाल के एक किराये के भवन में प्रारंभ किया गया था। वर्तमान में संस्था द्वारा 4 बालक छात्रावास क्रमशः ग्वालियर, शिवपुरी, भोपाल, डिण्डौरी में चलाये जा रहे है। शिवपुरी छोड़कर सभी छात्रावास स्वतः के भवनों में संचालित हैं।

वनवासी कन्या छात्रावास

कन्या शिक्षा की आवश्यकता देखते हुए संस्था द्वारा कन्या छात्रावास अधिक मात्रा में संचालित किये जा रहे हैं। ये छात्रावास उज्जैन, गुना, खण्डवा, मण्डला, बालाघाट, पत्थलगाँव, अम्बिकापुर में संचालित है। खण्डवा छोड़कर सभी छात्रावासों के भवन संस्था के है। व्यक्तित्व विकास व व्यवासायिक शिक्षा के लिए अधिक जोर दिया जा रहा है।

आवासीय विद्यालय

औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ छात्रावास की सुविधा देने के दृष्टि से मध्यभारत प्रांत के डबरा, महाकौशल प्रांत के कोसमडीह जिला-डिण्डौरी तथा छत्तीसगढ़ प्रांत के अंगीकेला में संचालित है।

शैक्षणिक परिसर

भारत सरकार की यह योजना वनवासी अंचल के उन क्षेत्रों में संचालित है जहां साक्षरता का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है इस योजना के अन्तर्गत संस्था द्वारा सलैया जिला-डिण्डौरी तथा लोरो जिला-जशपुर में शैक्षणिक परिसर चलाये जा रहे हैं। वनवासी अंचल की कन्याओं को शिक्षा व छात्रावास की सुविधाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह केन्द्र प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र व साक्षरता केन्द्र के रूप में कार्य करता है।

दीनदयाल चलित चिकित्सालय

मध्यप्रदेश शासन की यह योजना वनवासी क्षेत्र के सभी विकास खण्डों में चल रही है। इस योजना के अन्तर्गत संस्था द्वारा झाबुआ जिले के 6, अलिराजपुर के 6 तथा मण्डला जिले के 1 विकास खण्ड में यह चिकित्सालय चल रहे है। प्रतिदिन निर्धारित मार्ग पर यह वाहन जाता है। 407 चेसिस पर निर्मित इस चिकित्सालय में सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध है। एमबीबीएस डाक्टर, फार्मासिस्ट व नर्स सहित अन्य सहायक कार्यकर्ता इस वाहन में अपनी सेवाऐं देते है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

भोपाल के कोलार क्षेत्र में शहरी आर.सी.एच. योजना के अन्तर्गत यह प्रकल्प चल रहा है। 2 महिला चिकित्सक तथा 1 पुरूष चिकित्सक सहित यहां पर जांच व उपचार हेतु सुविधाऐं उपलब्ध है। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की पहचान तथा उनकी देखभाल व आवश्यक टीकाकरण करने के लिए व्यवस्था है। प्रसव के प्रश्चात शिशु व माता की समग्र चिन्ता करने की व्यवस्था है।

न्युरोथेरेपी प्रशिक्षण व उपचार केन्द्र

लाजपतराय मेहरा द्वारा खोजी गई इस उपचार पद्धति में बिना किसी दवाई के उपचार किया जाता है। वनवासी क्षेत्र के युवकों को रोजगार प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किये गये। चयनित युवकों को लाजपतराय मेहरा जी के संस्थान में 6 माह का प्रशिक्षण तथा इन्टर्नशिप का प्रशिक्षण संस्था के केन्द्र में दिया जाता है।

एडस कन्ट्रोल प्रोजेक्ट

मध्यप्रदेश एड्स कन्ट्रोल सोसायटी द्वारा आबंटित इस प्रोजेक्ट के द्वारा यौन कर्मियों को एड्स से बचाव तथा चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। कर्मियों के बालक/बालिकाओं को इस व्यवसाय/वातावरण से विमुख करने तथा उचित शिक्षा दिक्षा देने के लिए भी इसके अन्तर्गत व्यवस्था की गई है।

प्राण बल्देव भण्डारी सेवा विद्या मंदिर

सेवा बस्तियों के बच्चों व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को संस्कारयुक्त व गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए वर्ष 2000 में यह विद्यालय प्रारंभ किया गया था। हायर सेकण्डरी स्तर तक के इस विद्यालय में इस सत्र में 516 विद्यार्थी अध्ययनरत है।

संस्कार केन्द्र

सेवा बस्तियों के बच्चों को संस्कार देने के उद्देश्य से यह केन्द्र सेवा बस्तियों में चलाये जा रहे हैं। संस्कार के साथ-साथ बच्चों के व्यक्तित्व व शिक्षा के विकास लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाता है।

बालवाड़ी/आंगनवाड़ी केन्द्र

सेवा बस्तियों में छोटे-छोटे बच्चों को अक्षर ज्ञान कराने व संस्कार प्रदान करने के लिए बालवाड़ी व आंगनवाड़ी चल रहे है।

रायसेन जिले के गैरतगंज विकासखण्ड में समग्र बाल विकास परियोजना, जो कि मध्यप्रदेश शासन के महिला एवं बाल विभाग द्वारा आबंटित है, में 104 ग्रामों में यह योजना चल रही है। इसके माध्यम से ग्रामीध क्षेत्र के बच्चों को पौष्टिक आहार, शिक्षा, संस्कार व टीकाकरण का कार्य किया जाता है। कन्या भ्रृण हत्या रोकने के लिए तथा कन्या का जन्म अभिषाप न मानते हुये उसका स्वागत हो इस लिए मध्यप्रदेश शासन की योजना लाड़ली लक्ष्मी योजना का क्रियान्वयन भी इस योजना में शामिल है।

क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत हो सके इसलिए जननी सुरक्षा योजना का भी संचालन किया जाता है।

शैक्षणिक सहायता

गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली व योग्य बच्चों को शैक्षणिक सहायता के अन्तर्गत विद्यालय शुल्क पाठयपुस्तकें, गणवेश आदि प्रदान की जाती है।

कम्युटर प्रशिक्षण केन्द्र

वनवासी अंचल के युवक-युवतियों को रोजगारोन्मुख कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने के लिए 12 केन्द्र चल रहे है तथा सेवा बस्तियों के बच्चों के लिए 2 केन्द्र चल रहे है। डीसीए स्तर के पाठयक्रम के अनुसार यहां प्रशिक्षण दिया जाता है।

सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र

महिलाओं के समग्र विकास विशेषतः आर्थिक विकास की दृष्टि से यह केन्द्र अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। सेवा बस्तियों में चल रहे केन्द्रों से बडभ् संख्या में महिलाऐं प्रशिक्षण प्राप्त कर परिवार के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। महला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित परीक्षा में प्रशिक्षणार्थियों को बैठाया जाता है।

जरदोजी प्रशिक्षण

हस्तशिल्प की इस विधा के अन्तर्गत कपड़ों पर हाथ से कढ़ाई व नक्काशी का काम किया जाता है। भोपाल के पुप्पलता प्रशिक्षण केन्द्र में यह प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात महिलाओं को अच्छी आय हो जाती है।

स्व सहायता समूह

सेवा बस्तियों के महिलाओं को बचत की आदत डालने तथा संग्रहित राशि को आर्थिक उपार्जन के काम में लगाने की प्रेरणा देने के लिए स्वसहायता समूह का गठन अनेक सेवा बस्तियों में किया गया है।

किशोर भारती

सेवा बस्तियों के किशोर वय के बालकों को संस्कारित करने तथा उसके जीवन को एक नयी दिशा प्रदान करने के दृष्टि से यह केन्द्र साप्ताहिक रूप से सेवाक बस्तियों में चलते है। खेल, कहानी, गीत, महापुरुषों की जीवन कथाऐं आदि यहां के कार्यक्रम शमिल हैं।

निवेदिता भारती

किशोर भारती में दिये गये वर्णन के अनुसार ही किशोर वर्ग की युवतियों के लिए यह कार्य चल रहा है।

पुरूष/महिला भजन मण्डली

सेवा बस्तियों के महिला एवं पुरूषों के मध्य संगठन एवं धार्मिक भाव जागरण के लिए यह केन्द्र सेवा बस्तियों में चल रहे है। वर्ष में एक बार इन मण्डलियों की भजन प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

 

 

 
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